IG Kanwar Vijay Partap की ट्रांसफर क्या बोले कैप्टन अमरिंदर सिंह IG Kanwar Vijay Partap की ट्रांसफर क्या बोले कैप्टन अमरिंदर सिंह
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आई जी कुंवर विजय परताप की ट्रांसफर क्या बोले कैप्टन अमरिंदर सिंह

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चंडीगढ़. पंजाब में चर्चित केस बेअदबी की जाँच कर रहे Special Investigation Wing से जुड़े IG Kanwar Vijay Partap को Election Commission की ओर हटाने के फैसले पर Punjab के CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी अपनी नराजगी को जताया है। पंजाब सरकार Indian Election Commission को इस फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहेगी।

CM ने कहा कि एक अकाली नेता की शिकायत पर लिया गया चुनाव आयोग का यह फैसला जांच में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने जैसा है। अकाली अपने राज में हुई पवित्र Guru Granth Sahib की बेअदबी और उसके विरोध में धरने पर बैठे लोगों की गोलीकांड में मौत के मामले की निष्पक्ष जांच कराने में नाकाम रहा और अब अपनी खाल बचाने के लिए जो हथकंडे अपना रहे हैं, वह निराशाजनक हैं।

क्या है पूरा मामला

दरअसल SIT के काम काे लेकर IG ने 18 और 19 मार्च को टीवी चैनलों को Interview दिया था। इसको लेकर SAD की तरफ से Election Commission को शिकायत की गई।SAD ने आराेप लगाया था कि IG निष्पक्ष जांच करने की बजाय सत्तारूढ़ दल के इशारे पर काम कर रहे हैं। इस शिकायत की जांच के बाद चुनाव आयाेग ने कुंवर विजय प्रताप को SIT से तत्काल प्रभाव से हटाने के आदेश दिए हैं। IG Kanwar Vijay Partap काे हटाने और चुनाव संबंधी ड्यटी से दूर रखने को भी कहा गया है।

Election Commission की चिट्‌ठी में है यह बात

Election Commission के सेक्रेटरी Rahul Sharma ने साेमवार काे पंजाब के CEO डाॅ. S Karuna Raju को पत्र भेजकर स्पष्ट किया कि आयाेग ने वीडियाे की जांच की ताे IG Kanwar Vijay Partap पाॅलिटिकल कमेंट करने के दाेषी पाए गए। आईजी ने कुछ ऐसी टिप्पणियां की हैं, जो राजनीति से प्रेरित लगती हैं। इंटरव्यू में कही गई बातें राजनीतिक तौर पर कुछ नेताओं की ओर इशारा करती हैं। ऐसे में कुंवर का तुरंत प्रभाव से तबादला किया जाए और चुनाव संबंधी कोई कामकाज न सौंपा जाए।

Election Commission के आदेश के बाद Vijay Partap को IG Counter Inteligence के तौर पर तैनात करने का आदेश दिया है। आईजी काउंटर इंटेलीजेंस के तौर पर कुंवर विजय प्रताप सिंह अमृतसर में अपनी ड्यूटी पर तैनात होंगे।

Khaira-Investigation बंद करवाने के लिए किया गया यह सब

Election Commission के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए Punjab Ekta Party के नेता Sukhpal Singh Khaira ने कहा, ‘बादलों को डर था कि SIT के हाथ उन तक पहुंच गए हैं, इसलिए Naresh Gujral के द्वारा Sukhbir Badal ने Election Commission को शिकायत करवाई। SIT की जांच का Election Code से कोई संबंध नहीं। Kotkapura Golikand की जांच को बंद करवाने के लिए ही यह सब किया गया है।’ इसके अलावा Khaira ने कहा कि Captain Amrinder को Punjab Election Commission के सामने पेश होकर अपना पक्ष पेश करना चाहिए था।

अगर पंजाब सरकार ने अपना पक्ष सही ढंग से रखा होता तो शायद Election Commission यह फैसला न करता। Captain Amrinder को चाहिए किPunjab Govt.की तरफ से Supreme Court में याचिका दायर करके चुनाव कमीशन के इस फैसले को चुनौती दी जाए। अगर कैप्टन अमरेंद्र सिंह ऐसा नहीं करते तो स्पष्ट हो जाएगा कि बादल और कैप्टन सरकार मिली हुई है।

Aam Aadmi Party भी कर रही है निंदा

इसके अलावा आईजी के तबादले को एक तरफ जहां इसे शिरोमणि अकाली दल अपनी जीत करार दे रहा है, वहीं आम आदमी पार्टी ने इसे कैप्टन-बादल और मोदी की मिलीभगत करार दिया है। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि आयोग का फैसला बादल परिवार को चुनाव तक राहत देने वाला है। एसआईटी अपनी जांच में उन तक पहुंचने वाली थी। वहीं इस मामले में कांग्रेस अब बैकफुट पर नजर आ रही है।

Kanwar Vijay के Transfer से ये पड़ेगा असर

SIT बेअदबी मामले की जांच एक नतीजे तक ले जाने के करीब थी। IG Kanwar Vijay Partap Singh केस की बारीकी से जांच रहे थे। Transfer से यह मामला लटक सकता है। डेरा मुखी Gurmit Ram Rahim को माफीनामा देने के मामले में 2 अप्रैल को एसआईटी ने बाबा से सुनारियां जेल जाकर पूछताछ करनी थी, पर इजाजत नहीं मिली। अब दोबारा शेड्यूल तय होना था। कुंवर के ट्रांसफर से यह अहम मामला भी चुनाव तक लटक गया है।

Kanwar Vijay Partap की ट्रांसफर क्या बोले कैप्टन अमरिंदर सिंह


मुख मंत्री अमरिंदर बोले- अकाली नेता की शिकायत पर कार्रवाई जाँच में हस्तक्षेप जैसा
चंडीगढ़. पंजाब में चर्चित केस बेअदबी की जाँच कर रहे स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम से जुड़े आईजी कुंवर विजय प्रताप को चुनाव कमीशन की ओर हटाने के फैसले पर स्टेट के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी अपनी नराजगी को जताया है। पंजाब सरकार भारतीय चुनाव आयोग को इस फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अकाली नेता की शिकायत पर लिया गया चुनाव आयोग का यह फैसला जांच में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने जैसा है। अकाली अपने राज में हुई पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और उसके विरोध में धरने पर बैठे लोगों की गोलीकांड में मौत के मामले की निष्पक्ष जांच कराने में नाकाम रहा और अब अपनी खाल बचाने के लिए जो हथकंडे अपना रहे हैं, वह निराशाजनक हैं।

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